Gurugram News: गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई, चला DTPE का बुलडोजर, 13 कंपनियों व 70 लोगों के खिलाफ दर्ज होंगी एफआईआर
Haryana News: हरियाणा के गुरुग्राम जिले में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जिला नगर योजनाकार द्वारा अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया गया है।

Gurugram News: हरियाणा के गुरुग्राम जिले में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जिला नगर योजनाकार द्वारा अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया गया है। भोंडसी, सोहना, कादरपुर और खेड़ला जैसे इलाकों में विकसित की जा रही 13 से अधिक अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करने के बाद अब इनसे जुड़े भूमि मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों और भू-माफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
पिछले महीने भी ऐसा हुआ
10 कॉलोनियों इस महीने से पहले वाले महीने मने भी ऐसा हुआ है। तब 10 कॉलोनियों को लेकर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी। इसके अलावा डीटीपीई ने तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को पत्र लिखकर इन कॉलोनियों के राजस्व रिकॉर्ड की पूरी जानकारी साझा करते हुए इन जमीनों पर कोई रिकॉर्ड न बनाने के निर्देश दिए हैं।
अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई
नगर एवं ग्राम योजना विभाग का प्रवर्तन विभाग लगातार अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। अप्रैल माह में भी डीटीपीई ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ करीब 10 एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति भेजी थी।
ये हैं कॉलोनियों
अब एक बार फिर फरवरी माह में तोड़फोड़ के बाद विभाग ने पत्र लिखकर करीब 13 कॉलोनियों की संपत्ति के भूस्वामियों, निर्माण सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति भेजी है। ये मामले अगले दस दिन के अंदर दर्ज कर लिए जाएंगे। इन 13 कॉलोनियों में से बहरामपुर में चार, भोंडसी में पांच, खेड़ला सोहना में एक, महेंद्रवाड़ा सोहना में एक, कादरपुर में एक तथा बिधवाका सोहना में एक कॉलोनी काटी गई थी।
13 कंपनियों और करीब 70 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
यह कॉलोनी करीब 39 एकड़ में विकसित की गई थी। इन कॉलोनियों के विकास में शामिल 13 कंपनियों और करीब 70 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति भेजी गई है। इनमें संपत्ति मालिक, भूस्वामी और निर्माण कंपनियां शामिल हैं।
जनता से अपील की गई है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता जांचें। गैर-अनुमोदित कॉलोनियों में निवेश से बचें। प्लॉट खरीदने से पहले DTCP पोर्टल या विभागीय कार्यालय से जानकारी जरूर लें।














